Niraj_Singh_Biography

Biography Former Deputy Mayer Niraj Singh, नीरज सिंह की संक्षिप्त जीवनी।

Biography Former Deputy Mayer Niraj Singh, धनबाद के पुर्व महापौर और कॉंग्रेस नेता नीरज सिंह की संक्षिप्त जीवनी।

सिहं मेशन

Biography former deputy mayer niraj singh

Biography former deputy mayer niraj singh

झारखण्ड राज्य का धनबाद जिला, जहां के आसमान में सुरज धधकता है और ज़मीन के गर्भ में धधकता है कोयला  और इसी कोयले की तपिश से अस्तीत्व में आया सिहं मेशन जिसकी कोयला व्यापार और राजनीति क्षेत्र में आज भी तुती बोलती है। जहां राजनीति की नींव पैसों का, पैसों के लिए और पैसों से हो तो वहां हिंसा एक आम शब्द बन कर रह जाता है। सिहं मेशंन शेरों का झुण्ड है, पर कभी कभी शेरों के झुण्ड में एक शेर ऐसा भी होता है जो दिमाग से ही नहीं बल्कि दिल से भी काम लेता है। ऐसा ही था सिहं मेशन का एक शेर जिसका नाम था नीरज सिंह।

नीरज सिहं का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ था जिसके कई दुशमन भी थे और दोस्त भी। उनके भी पांव रजनीति में हों ये तो पहले से ही तय था पर विरासत में मिली राजनीति में, उन्होने अपनी छवी  एकदम अलग बनाई। एक नेता के तौर पर कॉंग्रेस का प्रतिनिधीत्व कर रहे नीरज सिंह ने, साल 2014 में झारखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर झरिया से चुनाव लड़ा था। नीरज सिंह के व्यक्तित्व का अन्दाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की जहाँ एक तरफ पुरे भारत में कॉंग्रेस अपनी लोकप्रीयता खो रही थी, वहीं नीरज सिंह धनबाद में अपनी जनता के चहेते बने हुए थे। हाल ही में उन्होंने एक बयान में कहा भी था कि वो हत्या की राजनीति में विश्वास नहीं रखते है। राजनीति उनके लिये उनकी जिंदगी का चुनौती भरा हिस्सा थी, जिसे उन्होने काफी सरलता से स्वीकार किया था।

विधार्थी जीवन और राजनीति में प्रथम हुँकार।

नीरज सिंह की स्कुली शिक्षा IASL झरिया और दिल्ली पब्लिक स्कुल में हुई और इन्होंने सन 2001 में  Hindustan College of Science and Technology Mathura, Uttar Pradesh से Mechanical Engineer में ग़्रेजुएशन किया। 2002 से 2009 तक रांची में इन्होने एक बिल्डर का काम किया और फिर 2010 में धनबाद आ गये। इसी साल वो Dhanbad Municipal Corporation के Deputy Mayor के पद पर निर्वाचित हुए जिसका कार्यकाल 1 June 2010 से 31 May 2015 से तक रहा। इस बीच ऐसे कई मौके आये जिनमें उन्होने जनता के बीच अपनी उपयोगीता साबित की। सन 2012 में उनका विवाह हुआ, उनकी पत्नि का नाम पुर्णिमा नीरज सिंह है।

21 मार्च 2017 को अज्ञात हमलावरों ने नीरज सिंह और उनके तीन समर्थकों की गोली मार कर निर्मम हत्या कर दी। हमलावरों ने नीरज सिंह पर कई गोलियां चलाई जिनमें 25 गोलियों के निशान उनके शरीर पर मिले। धनबाद में पुरा माहौल गमगीन हो गया और अगली सुबह पुरा धनबाद उनके मृत्य़ु के खबर के पश्चात सन्नाटे में था। काफी संख्या मे लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुँचे। पुलिस आज भी उनके हमलावरों और हत्यारों को ढुढने का प्रयास कर रही है।

देश की कोयला राजधानी धनबाद ने एक हीरे को खो दिया। नीरज सिंह भले हमारे बीच मौजुद नहीं पर उनकी याद हमारे दिलों मे हमेशा मौजुद रहेंगी|

 

 

 

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